मौनी महाराज की एंजियोग्राफी के दौरान उनका दिल 25 साल के युवक जैसा धड़कता मिला

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आधार कार्ड में जन्म तिथि  लिखी है 1890 में 

मूलरूप से सीतापुर की सिंधौली तहसील निवासी चंद्रिका प्रसाद मिश्रा उर्फ मौनी महाराज का जन्म तीन मार्च 1890 में हुआ था। उनके आधार कार्ड में भी जन्म तिथि यही लिखी है। दस साल के बाद से ही उन्होंने तपस्या शुरू कर दी थी। उनके जीवन परिचय पर लिखी गई पुस्तिका में कहा गया है कि कम उम्र में ही उन्होंने बद्रीनाथ, केदारनाथ, अमरनाथ पर अखंड तपस्या की। बुंदेलखंड समेत देश भर में उनके काफी श्रद्धालु हैं। कुछ समय पहले रात में घबराहट की शिकायत होने पर कार्डियोलॉजिस्ट ने जब संत की एंजियोग्राफी की तो वह खुद चौंक गए। उन्होंने देखा कि ह्रदय नौजवान जैसा है।  100 साल की उम्र पार करने वाले संत का 25 साल के युवक जैसा दिल धड़कता है।